Monday, February 25, 2013

चिंतन शिविर में की रवाईं घाटी के विकास पर चर्चा

नौगांव(उत्तरकाशी)। सामाजिक एवं पर्यावरणीय कल्याण समिति की ओर से रवाईं घाटी के विकास को लेकर चिंतन शिविर आयोजित किया गया। इस मौके पर ‘रवाईं आज और कल’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने कहा कि रवाईं जौनपुर की संस्कृति की अलग पहचान है। क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें आगे आने का मौका मिलना चाहिए। क्षेत्र के विकास तथा दशा-दिशा को लेकर इस तरह के चिंतन शिविर समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सकल चंद रावत ने कहा कि वर्तमान में जनता के साथ ही स्थानीय संस्कृति का भी पलायन हो रहा है। इसे संरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। शिविर में जौनपुर की उभरती गायिका रेशमा शाह एवं सुनील बेसारी की टीम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार विजेंद्र रावत के संरक्षण में तैयार हुई ‘रवाईं आज और कल’ पुस्तक का विमोचन किया गया। जिसमें क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति के साथ ही क्षेत्र से जुड़ी अन्य जानकारियों को शामिल किया गया है। शिविर में रवाईं घाटी की उभरती प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर समिति की अध्यक्ष उर्मिला चंद, शशि मोहन रावत, पूर्व डीआईजी एसपी चमोली, अमर सिंह कफोला, अनुपमा रावत, यशोदा नौटियाल, अंबिका चौहान, सीमा रावत भी मौजूद थे।
साभार : अमर उजाला 
http://www.amarujala.com/news/states/uttarakhand/uttarkashi/Uttar-Kashi-59224-17/